اس کی یاد آئی ہے سانسو ذرا آہستہ چلو

دھڑکنوں سے بھی عبادت میں خلل پڑتا ہے

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो

धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है

نہ ہم سفر نہ کسی ہم نشیں سے نکلے گا

ہمارے پاؤں کا کانٹا ہمیں سے نکلے گا

   راحت اندوری   |     राहत इंदौरी

न हम-सफ़र न किसी हम-नशीं से निकलेगा

हमारे पाँव का काँटा हमीं से निकलेगा

دوستی جب کسی سے کی جائے

دشمنوں کی بھی رائے لی جائے

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

दोस्ती जब किसी से की जाए

दुश्मनों की भी राय ली जाए

شاخوں سے ٹوٹ جائیں وہ پتے نہیں ہیں ہم

آندھی سے کوئی کہہ دے کہ اوقات میں رہے

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम

आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

آنکھ میں پانی رکھو ہونٹوں پہ چنگاری رکھو

زندہ رہنا ہے تو ترکیبیں بہت ساری رکھو

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो

ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो

ہم سے پہلے بھی مسافر کئی گزرے ہوں گے

کم سے کم راہ کے پتھر تو ہٹاتے جاتے

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे

कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते

نئے کردار آتے جا رہے ہیں

مگر ناٹک پرانا چل رہا ہے

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

नए किरदार आते जा रहे हैं

मगर नाटक पुराना चल रहा है

روز تاروں کو نمائش میں خلل پڑتا ہے

چاند پاگل ہے اندھیرے میں نکل پڑتا ہے

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड़ता है

चाँद पागल है अँधेरे में निकल पड़ता है

بہت غرور ہے دریا کو اپنے ہونے پر

جو میری پیاس سے الجھے تو دھجیاں اڑ جائیں

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर

जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ

گھر کے باہر ڈھونڈھتا رہتا ہوں دنیا

گھر کے اندر دنیا داری رہتی ہے

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

घर के बाहर ढूँढता रहता हूँ दुनिया

घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है

وہ چاہتا تھا کہ کاسہ خرید لے میرا

میں اس کے تاج کی قیمت لگا کے لوٹ آیا

   راحت اندوری   |    राहत इंदौरी

वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा

मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया